होम / Girl Cardiac Arrest : मैसूरु स्कूल में 8 साल की बच्ची की कार्डियक अरेस्ट से मौत, तीसरी कक्षा की थी छात्रा, स्कूल में बिगड़ी थी तबीयत

Girl Cardiac Arrest : मैसूरु स्कूल में 8 साल की बच्ची की कार्डियक अरेस्ट से मौत, तीसरी कक्षा की थी छात्रा, स्कूल में बिगड़ी थी तबीयत

BY: • LAST UPDATED : January 8, 2025
  • परिवार और स्कूल प्रशासन में शोक

India News Haryana (इंडिया न्यूज), Girl Cardiac Arrest : कर्नाटक के जिला मैसूरु से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 8 वर्ष की बच्ची की कार्डियक अरेस्ट के कारण अचानक मौत हो गई। बता दें कि उक्त बच्ची कक्षा तीसरी की छात्रा थी और पढ़ाई के दौरान ही अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई जिस कारण वह बेहोश होकर गिर पड़ी।

स्कूल प्रशासन तुरंत बच्ची को लेकर पास के अस्पताल लेकर गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि प्राथमिक जांच में मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट माना जा रहा है। उनका कहना है कि यह किसी जन्मजात दिल की बीमारी का परिणाम हो सकता है। हालांकि, मौत का सटीक कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

Girl Cardiac Arrest : छोटी उम्र में इतना बड़ा हादसा, परिजनों को अभी भी यकीन नहीं

इस घटना से बच्ची के परिवार और स्कूल प्रशासन में गहरा शोक है। एक छोटी सी उम्र में इस तरह की घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया। स्कूल प्रशासन ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना उनके लिए भी अत्यंत दुखद है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों में कार्डियक अरेस्ट दुर्लभ लेकिन गंभीर घटना है। यह आमतौर पर जन्मजात दिल की बीमारियों या अनजाने स्वास्थ्य समस्याओं से हो सकता है।

Earthquake Tremors : चीन के तिब्बत प्रांत में 7.1 तीव्रता के भूकंप से जानिए इतने लोगों की मौत, 130 घायल; भारत, नेपाल और भूटान में भी महसूस हुए झटके

बच्चों में कार्डियक अरेस्ट के संभावित कारण

आमतौर पर कार्डियक अरेस्ट वयस्कों में ही देखा जाता है, लेकिन बच्चों में यह दुर्लभ मामला है। यहां कुछ संभावित कारण दिए गए हैं, जिनसे बच्चों में यह समस्या हो सकती है। कभी-कभी बच्चों में स्वास्थ्य समस्याएं पहले से होती हैं, लेकिन उनका समय पर पता नहीं चल पाता। कुछ बच्चों को जन्म से ही दिल में समस्याएं होती हैं, जो समय पर पता न चलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।

हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी एक जेनेटिक स्थिति है, जिसमें दिल की मसल्स मोटी हो जाती हैं और खून के फ्लो में रुकावट पैदा करती हैं। वहीं शरीर में सोडियम, पोटैशियम और कैल्शियम का असंतुलन भी दिल की धड़कन पर बुरा असर डाल सकता है। इसके अतरिक्त बच्चों पर पढ़ाई या अन्य शारीरिक गतिविधियों का अधिक दबाव भी उनके दिल की सेहत पर नेगेटिव असर डाल सकता है।

Jagjit Singh Dallewal Health Update : किसान नेता डल्लेवाल की तबीयत बिगड़ी, आमरण अनशन जारी

ADVERTISEMENT

लेटेस्ट खबरें

ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT