Haryana Vidhansabha Monsoon Session Day 2 : विस में राजनीतिक परिवारों और दिग्गजों के बीच जारी गतिरोध-गठजोड़ पर सबकी नजर

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Haryana Vidhansabha Monsoon Session Day 2
हरियाणा विधानसभा मानसून सत्र का दूसरा दिन
  • चौटाला परिवार जारी सत्र में रहे हैं आमने-सामने

डॉ. रविंद्र मलिक, India News (इंडिया न्यूज़), Haryana Vidhansabha Monsoon Session Day 2, चंडीगढ़ : हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है। इस दौरान प्रश्नकाल के समय नदियों व नहरों की खुदाई व सफाई के मामले पर घेरा जाएगा। इतना ही नहीं, प्रदेश में पिछले 3 सालों में मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसलों के लिए पंजीकृत भूमि के बारे में कांग्रेस ने जवाब तलब किया।

मालूम रहे हरियाणा विधानसभा के 25 अगस्त को शुरू हुए विधानसभा सत्र में काफी हंगामा हुआ था। सदन के अंदर सियासी दिग्गजों के अंदर जमकर खींचतान देखने को मिली थी तो वहीं दूसरी तरफ आपसी मतभेदों को दरकिनार कर  विपक्षी नेता विपक्षी एकता के नाम पर एकजुट भी दिखाई दिए। ऐसा भी देखने को मिला जब अपनी ही पार्टी के दिग्गजों में कहीं न कहीं तल्खी और नाराजगी दिखाई दी।

जारी विधानसभा सत्र में अब सबकी नजर इस बार पर टिकी है कि बचे हुए दिनों में राजनीतिक परिवारों और सभी पार्टियों के धुरंधरों का एक-दूसरे को लेकर और अन्य मुद्दों को लेकर क्या रुख रहेगा। इसके अलावा ये भी देखना रोचक व अहम होगा कि सभी पार्टियों के भाजपा व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आगे किस रणनीति के साथ उतरेंगे। इसके अलावा राज्य मंत्री संदीप सिंह के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस द्वारा चार्जशीट फाइल किए जाने के बाद मुद्दे को लेकर सदन में हंगामा तय है। विपक्ष लगातार इस्तीफे की मांग कर रहा है।

चौटाला परिवार में दो चाचा भतीजों की जोड़ी पर रहेगी सबकी नजर

फिलहाल के सत्र में चौटाला परिवार के सदस्यों में तल्खी देखने को मिली। बचे हुए दिनों में भी सबकी नजर सदन में मौजूद चौटाला परिवार की चाचा भतीजों की दोनों जोड़ियों पर रहेंगी। ये जोड़ी हैं अभय सिंह चौटाला व भतीजे दुष्यंत चौटाला की, जिनमें हर बार की तरह इस सदन में भी खींचतान देखने को मिल रही है। दूसरी जोड़ी है अभय सिंह चौटाला और उनके चाचा व मंत्री रणजीत सिंह चौटाला की। सत्र के पहले दिन अभय जब दुष्यंत को घेर रहे थे तो रणजीत सिंह बचाव में उतरे। वहीं बाद में रणजीत सिंह और अभय में बहस हुई तो फिर अभय ने वॉक आउट कर दिया था। अब सबकी नजर इस पहलू ुपर रहेगी कि चौटाला परिवार  के विधायकों का अब बचे सत्र में एक दूसरे के प्रति क्या रुख रहेगा।

सदन में कांग्रेस दिग्गज भी एकजुट

यह किसी से छुपा नहीं है कि नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस दिग्गज भूपेंद्र सिंह हुड्डा और किरण चौधरी में कतई नहीं बनती।दोनों के बीच 36 का आंकड़ा है। लेकिन आमतौर पर सदन में जब भी सत्ता पक्ष के खिलाफ मुद्दा होता है तो दोनों कहीं नहीं कहीं एक साथ खड़े नजर आ ही जाते हैं। सदन के पहले दिन भी ऐसा कई बार देखने को मिला जब दोनों पार्टी प्लेटफॉर्म खड़े नजर आए। अब इस पर भी सबकी नजर रहेगी कि सदन के बाहर जारी आपसी विरोध के समानांतर दोनों के बीच सत्र में क्या ट्यूनिंग रहेगी। वहीं ये भी बता दें कि हुड्डा के साथ बहस के बाद विज बाहर चले गए थे और फिर घंटे बाद वापस आए थे। इसके बाद फिर हुड्डा से उनकी हल्की बहस हुई तो किरण चौधरी ने उनको लंबी उम्र की शुभकामनाएं दी।

अभय को कांग्रेसियों का साथ मिला, आगे क्या ट्यूनिंग होगी

सदन के बाहर बेशक कांग्रेस नेता और दूसरी पार्टियों के दिग्गज सत्ता की लड़ाई में अलग थलग पड़े हैं लेकिन सदन के अंदर कांग्रेस और इनेलो में जुगलबंदी दिखी। बचे हुए सेशन में सबकी नजर रहेगी कि दोनों का एक दूसरे को लेकर क्या रुख रहता है और क्या दोनों मिलकर सत्ताधारी भाजपा और जजपा को घेरेंगे।

सत्र के पहले दिन जिस तरह से  भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बार-बार खड़े होकर अभय सिंह चौटाला की बात का समर्थन किया और कहा कि बाढ़ से हुए नुकसान के मामले पर डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को क्लेरिफिकेशन देना पड़ेगा। अब तक साफ हो ही चुका है कि विपक्षी नेता सरकार को घेरने के लिए हाथ मिलाने से गुरेज नहीं कर रहे हैं।

नाराज हो गए थे विज, अब हर किसी की नजर उन पर

सत्र के पहले दिन स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता द्वारा हुड्डा के साथ बहस के दौरान विज को बार बार बैठने के लिए कहना और टोकना, उनको नागवार गुजरा। वो इतने नाराज हुए कि खुद सदन से बाहर चले गए। इसके बाद स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने सदन में बाकायदा विज को अंदर आने की रिकवेस्ट करनी पड़ी और  उनका मान मनौवल करना पड़ा। तब कहीं जाकर वो सदन में आए लेकिन कुछ देर बाद चले गए।

माना गया कि सीएम मनोहर लाल ने भी विज से मामले पर बात की। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी सदन में विज का क्या रुख रहेगा। हुड्डा ने नूहं दंगों के  में सीआईडी को लेकर विज को घेरा था और खुद विज भी सीआईडी के मामले पर कड़ा रुख अख्तियार किए हैं। अभी नूहं मामले पर बहस होनी है और ये भी तय है कि विपक्ष सीआईडी की कार्यशैली पर विपक्ष हमलावर होगा। यहां ये देखना रोचक व अहम होगा कि विज इस पर क्या बोलते हैं।

विरोधी दिग्गजों के बीच जारी विरोध दौर, आगे भी रहने की संभावना

सत्ताधारी व विरोधी पार्टियों के कई नेता ऐसे हैं जिनमें पिछले सत्रों में जमकर बहस देखने को मिली है। जारी सत्र में भी यही समीकरण जारी हैं। इस बार भी हमेशा की तरह कृषि मंत्री जेपी दलाल और कांग्रेस की किरण चौधरी में जमकर खींचतान हुई। किरण चौधरी जमकर उन पर हमलावर रही और जारी सत्र में भी इसकी बानगी फिर देखने को मिल सकती है।

इसके अलावा दुष्यंत और चाचा अभय में भी कमोबेश यही स्थिति है। अभय सदन के अंदर व बाहर दुष्यंत को घेरना का कोई मौका नहीं छोड़ते। हुड्डा और विज के बीच भी कमोबेश ऐसा ही देखने को मिलता है। वहीं सदन में निर्दलीय बलराज कुंडू और अभय चौटाला की स्पीकर से तीखी बहस की निर्बाध बानगी देखने को मिलती रही है जो कि फिलहाल भी जारी है।

आईएएस-आईपीएस अधिकारी भी नजर में

सदन में अधिकारियों के बैठने की जगह नियत है। कार्रवाई के दौरान उन पर भी गाहे बगाहे सबकी नजर चली ही जाती है। अबकी बार सीनियर आईएएस और आईपीएस अधिकारियों पर भी सबकी निगाहें हैं। हरियाणा को शत्रुजीत कपूर के रूप नए डीजीपी में गत दिनों ही मिले हैं। सदन में आए तो सबकी नजरें उन पर टिकी थी।  इसके अलावा नजरें होम सेक्रेटरी टीएसवीएन प्रसाद और सीआईडी चीफ पर भी हैं।

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