India News Haryana (इंडिया न्यूज), CM Nayab Saini: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा और खेल के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए एक बागवानी कॉलेज की स्थापना और स्थानीय स्टेडियम में हॉकी एस्ट्रोटर्फ लगाने की घोषणा की। यह बागवानी कॉलेज महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल से संबद्ध होगा जिससे इस क्षेत्र के युवाओं को बागवानी के क्षेत्र में विश्व स्तरीय शिक्षा और शोध के अवसर मिलेंगे।
उन्होंने बड़ागढ़ स्टेडियम में हॉकी एस्ट्रोटर्फ लगाने की घोषणा करते हुए कहा कि स्टेडियम में हॉकी खिलाड़ियों के लिए हाई-मास्ट लाइटें भी लगाई जाएंगी ताकि सांयकाल के बाद भी हमारे खिलाडी अभ्यास जारी रख सकें। मुख्यमंत्री ने आज नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ये घोषणाएं कीं।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा ‘नारायण तालाब’ की भौतिक रिपोर्ट जांच कर इसे हरियाणा तालाब प्राधिकरण को देकर तालाब का जीर्णोद्धार और पुनरुद्धार सुनिश्चित किया जायेगा।उन्होंने पतरहेड़ी से शहजादपुर-नारायणगढ़ तक सड़क को चार लेन का बनाने की भी घोषणा की। स्थानीय बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए मुख्यमंत्री ने नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी सड़कों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 10 करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की।
साथ ही, मार्केटिंग बोर्ड के तहत सड़कों की मरम्मत के लिए अतिरिक्त 5 करोड़ रुपये की घोषणा की। इसके अलावा, उन्होंने नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांवों के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि लगभग 45 गांवों में सामुदायिक केंद्रों का निर्माण पहले ही किया जा चुका है और आश्वासन दिया कि शेष गांवों में भी धीरे-धीरे इसी प्रकार सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नारायणगढ़ में सहकारी चीनी मिल स्थापित करने की घोषणा पहले ही कर चुकी है। किसानों की समस्याओं के मद्देनज़र राज्य सरकार इस मामले पर सक्रियता से चर्चा कर रही है और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है।
मुख्य सचिव इस मामले पर व्यक्तिगत रूप से गंभीरता से नजर रख रहे हैं और इस सम्बन्ध में तीन बैठकें आयोजित हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि या तो इसी वर्तमान मिल को सहकारी चीनी मिल के रूप में स्थापित किया जाएगा या फिर दूसरी सहकारी मिल स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि नारायणगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के किसानों को आगे किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए इस निर्णय को जल्द ही लागू किया जाएगा।
इस अवसर पर नायब सिंह सैनी ने नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 10 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया, जिनकी कुल लागत 43.28 करोड़ रुपये है। इनमें 22.23 करोड़ रुपये की 7 परियोजनाओं का उद्घाटन तथा 21.05 करोड़ रुपये की 3 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
उद्घाटन की गई परियोजनाओं में कई नई संपर्क सड़कों के निर्माण के साथ-साथ मौजूदा सड़कों का चौड़ाकरण व नवीनीकरण शामिल है। इसके अलावा, महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल के अंतर्गत चांदसोली में क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान केंद्र का भी उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री ने नए बस स्टैंड के निर्माण, वर्कशॉप के नवीनीकरण, नारायणगढ़ की नई कॉलोनियों में पेयजल पाइपलाइन बिछाने तथा पेयजल वितरण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण कार्यों की आधारशिला भी रखी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में वे जल्द ही एक लाख पात्र लाभार्थियों को 100-100 वर्ग गज के प्लॉट का कब्ज़ा/कागज़ात सौंपेंगे। इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत सरकार इस वर्ष के भीतर लगभग 77,000 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे धनराशि हस्तांतरित करेगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बचे हुए पात्र लोगों की पहचान करने के लिए सर्वेक्षण करें ताकि सभी पात्र परिवारों को योजना के तहत उनको घर मिलना सुनिश्चित किया जा सके।
नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पिछले एक दशक में किए गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के विजन तथा ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक’ की भावना के अनुरूप राज्य का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने बताया कि नारायणगढ़ में पिछले 10 वर्षों में सड़क अवसंरचना के विस्तार, शैक्षणिक संस्थानों, खेल सुविधाओं, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना, नागरिक अस्पताल के उन्नयन, बिजली सबस्टेशनों के निर्माण तथा नदियों पर पुलों के निर्माण एवं नवीनीकरण पर लगभग 770 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य में अब सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब तक फसल खरीद के लिए 12 लाख किसानों के बैंक खातों में 1,25,000 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए जा चुके हैं। खरीफ सीजन के दौरान अपर्याप्त वर्षा के कारण किसानों को होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए राज्य सरकार ने 2,000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से लगभग 1,000 करोड़ रुपये की राशि बोनस के रूप में किसानों को दी है।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रदेश सरकार ने ब्रिटिश काल से चली आ रही आबियाना प्रथा को भी समाप्त कर दिया है। मुख्यमंत्री ने किसानों, युवाओं, किडनी रोगियों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और अनुसूचित जातियों (एससी) और पिछड़े वर्गों (बीसी) के लोगों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न अन्य पहलों पर भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर विधायक शैली चौधरी, पूर्व मंत्री असीम गोयल, पूर्व विधायक डॉ. पवन सैनी और संतोष सारवान, भाजपा जिला अध्यक्ष मंदीप सिंह राणा, चेयरमैन धर्मबीर मिर्जापुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
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